क़तर में सालाना छुट्टियाँ कितनी होती हैं और उनकी रक़म कैसे मिलती है?
आख़िरी अपडेट: अक्टूबर 2026। यह जानकारी क़तर लेबर लॉ पर आधारित है, क़ानूनी सलाह नहीं।
एक ही कंपनी में लगातार 1 साल पूरा होने के बाद आपको साल में कम से कम 3 हफ़्ते की तनख़्वाह वाली छुट्टी मिलती है, और 5 साल की सर्विस के बाद कम से कम 4 हफ़्ते। जो छुट्टियाँ आपने नहीं लीं, नौकरी ख़त्म होने पर उनकी रक़म बेसिक तनख़्वाह के हिसाब से नक़द मिलनी चाहिए।
एक नज़र में छुट्टियाँ
| सर्विस | सालाना छुट्टी |
|---|---|
| 1 से 5 साल | कम से कम 3 हफ़्ते (21 दिन) |
| 5 साल या ज़्यादा | कम से कम 4 हफ़्ते (28 दिन) |
छुट्टियों की रक़म कैसे निकलती है
आर्टिकल 72 के मुताबिक़ सालाना छुट्टी की रक़म बेसिक तनख़्वाह पर बनती है। छुट्टियों की रक़म = बेसिक तनख़्वाह ÷ 30 × छुट्टी के दिन। उदाहरण: 3,000 रियाल बेसिक तनख़्वाह और 15 बची हुई छुट्टियाँ हों तो 100 × 15 = 1,500 रियाल।
नौकरी ख़त्म होने पर बची हुई छुट्टियाँ
अगर कमाई हुई छुट्टियाँ लेने से पहले नौकरी ख़त्म हो जाए तो उन दिनों की बेसिक तनख़्वाह के बराबर नक़द रक़म आपका हक़ है। यह रक़म ग्रेच्युटी के अलावा मिलती है।
छुट्टियाँ अगले साल ले जाना
आपकी लिखित अर्ज़ी पर कंपनी आधी तक सालाना छुट्टियाँ अगले साल में ले जा सकती है। हर ली हुई छुट्टी का रिकॉर्ड रखें, और आख़िरी दिन से पहले HR से अपना बैलेंस लिखित में ले लें।
घरेलू कर्मचारी
घरेलू कर्मचारी, जैसे घर के ड्राइवर, लेबर लॉ की जगह घरेलू कर्मचारियों के अलग क़ानून के तहत आते हैं, इसलिए उनकी छुट्टियों के नियम अलग हो सकते हैं।
अपना हिसाब लगाएँ
अपनी तारीख़ें और तनख़्वाह लिखें, और तुरंत देखें कि आपकी ग्रेच्युटी कितनी बनती है।